• कोविड से संबंधित नीतियों के मामले में कांग्रेस पार्टी भाजपा से अलग नहीं है। यह एक नूरा-कुश्ती है, एक हमाम है, जिसमें सभी एक जैसे हैं, इन सबने मिलकर कोविड को भगवान और भूत की तरह आस्था का सवाल बना दिया है। इस आलेख में भारत की इन दो प्रमुख पार्टियों की कोविड संबंधी रणनीति का विश्लेषण है।

    लेख में बताया गया है कि भारत में कोविड के दौरान जो कुछ भी हुआ है वह जितना सरकार की नीतियों के कारण संभव हो सका है, उतनी ही इसमें कांग्रेस की भी भूमिका है। कांग्रेस ने महामारी पर मानवीय स्टैंड लिया होता और जनता के पक्ष के इन नीतियों का विरोध किया होता तो ऐसी तबाही नहीं होती, जिसे आज देश भुगत रहा है। कांग्रेस और भाजपा के वोटरों के सामाजिक आधार में भले ही कुछ अंतर हो, लेकिन सांस्कृतिक और आर्थिक नीतियां दोनों की समान हैं। हमारा दुर्भाग्य यह है कम्युनिस्ट पार्टियों को छोड़ दें तो सभी दलों की आर्थिक नीतियां लगभग समान हैं और सांस्कृतिक नीतियों के मामले में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टियां भी उन्हीं के साथ खड़ी हैं।